संदेश

dher hua tajmahal #Tajmehal #mahakta Aanchal Stories in hindi हिंदी कहानी मजेदार लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गधे और धोबी की कहानी हिंदी में

चित्र
गधे और धोबी की कहानी विषयसूची  गधे और धोबी की कहानी हिंदी में  गधे और धोबी की कहानी से मिली सीख गधे और धोबी की कहानी हिंदी में एक निर्धन धोबी था। उसके पास एक गधा था। गधा काफी ख़राब था क्योंकि उसे बहुत कम खाने-पीने को मिल पाता था। एक दिन, धोबी को एक मेरा हुआ बाघ मिला। उसने सोचा, "मैं इस बाघ की खाल डालूँगा और उसे पड़ोसियों के मार्गदर्शन में चरने के लिए छोड़ दूँगा।" किसान समझेंगे कि वह स्टाइल का बाघ है और उसे डरकर दूर ले जाया जाएगा और गढ़ा आराम से खेत में ले जाया जाएगा।'' धोबी ने तुरंत अपनी योजना पर अमल कर डाला। उसकी योजना पर काम किया गया। एक रात गढ़ा खेत में घूम रहा था कि उसे किसी गढ़ी की रैंक की आवाज सुनाई दी। उस आवाज को सुनकर वह जोश में आ गया कि वह भी जोर-जोर से रेंकने लगा। गोल्ड की आवाज सुनकर किसानों को उनकी असलियत का पता चला और उन्होंने गिल्ड की भरपूर सराहना की! गधे और धोबी की कहानी से मिली सीख वैसे कहा गया है कि अपनी सच्चाई छुपानी नहीं चाहिए।

लालची कबूतर

चित्र
लालची कबूतर लालची कबूतर एक बार की बात किसी जंगल में एक बढा सा पेड़ था। उस पेड़ पर प्रतिदिन बहुत से पक्षी आकर विश्राम करते थे। एक दिन एक बहेलिये ने पक्षी पकड़ने की इच्छा से वहाँ चावल के दाने फैला दिये और उसके ऊपर जाल बिछा दिया और स्वयं एक पेड़ के पीछे छिपकर बैठ गया । कुछ समय बाद उस पेड़ पर एक कबूतरों का झुण्ड आकर विश्राम करने लगा । तभी उनकी नजर चावलों के दानो पर पड़ी । दाने देखकर उनकी भूख जाग उठी और वह दाने चुगने के लिए जाने लगे। तब उनके मुखिया ने उन्हे समझाया की उसे इन दानों के पीछे कुछ गड़बड़ लग रही है, इसलिए उन्हें यह दानें नहीं चुगने चाहिए। पर कबूतरों ने अपने मुखियाकी बात नहीं सुनीं और दाने चुगने के लिए चले गए। सारे कबूतर जाल में फँस गए। उन्हे अपने मुखिया की बात न मानने तथा लालच करने की सजा मिल गई। उनके मुखिया ने उन्हे एक दिशा में उड़ने के लिए कहा। सब कबूतर जाल के साथ एक ही दिशा में उड़े और बेहलिया देखता ही रह गया । सब कबूतर अपने मुखिया के दोस्त चूहे के घर जा पहुँचे । चूहे ने अपने पैने दांतो से जाल काट कर कबूतरों को मुक्त कर दिया। कबूतरों ने अपने प्राण बचाने वाले नन्हे च...

चरवाहा लड़का

चित्र
चरवाहा लड़का  एक चरवाहा लड़का अपने भेड़ो के झुण्ड को जंगल में चराने ले जाता था और एक बार बोर हो कर उसने सोचा क्यों न एक खेल खेलें। इसी सोच से वह जोर जोर चिल्लाने लगा "भेड़िया, भेड़िया भेड़िया भेड़ के बच्चे को ले जा रहा है। " खेतो में काम कर रहे किसान भागते भागते उसके पास आये। किसान आते ही पूछे 'किधर है भेड़िया ?" लड़के ने हसते हसते बोला "कोई भेड़िया नहीं था, मै बोर हो गया था इसलिए सोचा की आप लोगो को बुला लूँ । किसान बहुत गुस्सा हुए और उसको डांटा और फिर वह से वापस खेत में चले गए। ऐसा ही उस लड़के ने चार पांच बार और किया और हर बार किसान आते थे लेकिन हर बार वह लड़का मजाक कर रहा होता था एक बार सचमूच में भेड़िया उसके सामने आ गया और जल्द से वह लड़का पेड़ पे चढ़ के अपनी जान बचाया। हर बार की तरह इस बार भी वह लड़का भेड़िया कह कर चिल्लाया लेकिन किसानो को लगा की इस बार भी मजाक कर रहा है। और कोई भी नहीं पंहुचा। इसी बिच भेड़िया ने एक भेड के बच्चे को उठा कर लेता चला गया।  कहानी से सीख : एक झूठे का सच कभी नहीं माना जाता है।

mahakta Aanchal story in Hindi -ढेर हुआ ताज महल -महकता आंचल स्टोरी - राजिया मेंहदी

चित्र
mahakta Aanchal story in Hindi -ढेर हुआ ताज महल -महकता आंचल स्टोरी - राजिया मेंहदी राजिया मेंहदी मैं तो पिया की थी पिया की रहूंगी मैं तो पिया पिया पिया ही कहूंगी. तानिया बड़े ऊंचे सुरों में अपनी आदत- के खिलाफ शुरू थी । "खैरियत तो है तानिया? यह आज तानसेन की रूह को कौन झिन्झोड़ रहा है।" सानिया की आवाज़ से जैसे वह अपनी ख़्वाबों की नगरी से पलट आई- “क्यों, मैं क्या कभी गुनगुना नहीं सकती ?" "ज़रूर सकती हो मेरी जान ! मगर यह चमत्कार हुआ कैसे ? इतना लहक लहक कर किसे याद किया जा रहा है ? वह कौन है बदनसीब ?" "कोई नहीं। कोई भी नहीं ।'' कहते कहते वह खिड़की से बाहर देखने लगी । सानिया से बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हुआ। वह जैसे चोरी पकड़ लेने वाले अन्दाज़ में उठी- “वाकई तानिया ! कोई है ऐसा कोई ज़रूर है कि तुम्हारा चेहरा यूं...... ।" वह शरारत से उंगली उठाकर हंस पड़ी। तानिया खुद पर काबू पा चुकी थी _ "बकवास करने की जरूरत नहीं ।" "मगर अभी अभी कुछ कुछ होता हुआ लग रहा था ।' "क्या अभी अभी ? मैंने ज़रा सा बेवकूफ बनाया और आप बन गयी...