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बच्चो की कविताएं | Kids Poem in Hindi l Poem in Hindi

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बच्चो की कविताएं | Kids Poem in Hindi l Poem in Hindi  इस ब्लॉग के जरिए हम Kids Poom in Hindi बच्चों के लिए सबसे मजेदार  Poem in Hindi  मे लेकर आए है। यह  poem बच्चो को बहुत पसंद आती है।    यह पर जो बच्चों की कविताए प्रस्तुत की गई। है। वह उनके शिक्षा के स्तर में काफी लाभप्रद है । बच्चे की कविताए| Kids Poem in Hindi | Poem in Hindi   पकौड़ी आई पकौड़ी। छुन छुन छुन छुन तेल में नाची,  प्लेट में आ शरमाई पकौड़ी। आई पकौड़ी। हाथ से उछली मुँह में पहुँची, पेट में जा घबराई पकौड़ी। दौड़ी-दौड़ी आई पकौड़ी। मेरे मन को भाई पकौड़ी क्यू एक और मजेदार कविता                             चल रे मटके टम्मक टू  हुए बहुत दिन बुढ़िया एक,  चलती थी लाठी को टेक। उसके पास बहुत था माल,  जाना था उसको ससुराल । मगर राह में चीते, शेर,  लेते थे राही को घेर । बुढ़िया ने सोची तदबीर,  जिससे चमक उठे तकदीर । मटका एक मँगाया मोल,  लंबा- लंबा गोल-मटोल । उसमें बैठी बुढ़िया आप...

गधो का सत्कार Hindi Story Hindi Kahaniyan

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गधो का सत्कार । Hindi Story। Hindi Kahaniyan बहुत समय पहले की बात है. एक जंगल में गधे ही गधे रहते थे। पूरी आजादी से रहते, भरपेट खाते-पीते और मौज करते । गधों के लिए वह जंगल स्वर्ग की तरह था। एक दिन एक लोमड़ी को  मजाक सूझा। उसने मुंह लटकाकर गधों से कहा- 'मैं चिंता से मरी जा रही हूं और तुम इस तरह आराम से घूम रहे हों हमारे यहां कितना बड़ा संकट सिर पर आ पहुंचा है!' गधों ने उत्सुकता से पूछा- 'दीदी, भला क्या हुआ, बात तो बताओ!' लोमड़ी ने कहा- 'मैं अपने कानों से सुनकर और आंखों से देखकर आई हूं, जंगल की झील की मछलियों ने एक सेना बना ली है और वे अब हम सब पर हमला करने वाली है। लोमड़ी की यह बात सुन कर सभी गधे असमंजस में पड़ गए । उन्होंने सोचा, व्यर्थ जान गंवाने से क्या लाभ, चलो कहीं अन्यत्र चलो ! सारे गधे जंगल छोड़कर गांव की ओर चल पड़े । सबके दिमाग में एक ही बात चल रही थी कि इससे पहले कि मछलियां हम पर हमला करें, जितना दूर हो सके, निकल लेने में ही भलाई है । और वे सब लोमड़ी को शुक्रिया भी कह रहे थे कि अगर उसने न बताया होता तो हमारा बचना भी मुश्किल ही था। जब ये सारे गधे...

दिल छू लेने वाली कहानी

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दिल छू लेने वाली कहानी  रोम में एक बहुत प्रसिद्ध लोहार हुआ। उसकी प्रसिद्धि सारी दुनिया में थी, क्योंकि वो जो भी बनाता था, वो चीज़ बेजोड़ होती थी। उस लोहार, की दुकान पर बनी तलवार का कोई सानी न था। और उस लोहार की दुकान पर बने सामानों का सारे जगत में आदर था। दूर-दूर के बज़ारों में उसकी चीजें बिकती थीं, उसका नाम बिकता था। फिर रोम पर हमला हुआ और रोम में जितने प्रतिष्ठित लोग थे, पकड़ लिए गए। रोम हार गया वो लोहार भी पकड़ लिया गया वो तो काफ़ी ख्यातिलब्ध आदमी था। उसके बड़े कारखाने थे और उसके पास बड़ी धन-सम्पत्ति थी, बड़ी प्रतिष्ठा थी वो भी पकड़ लिया गया। तीस, रोम के प्रतिष्ठित, जो सर्वशक्तिशाली आदमी थे, उनको पकड़ के दुश्मनों ने ज़ंजीरों और बेड़ियों में बाँध के पहाड़ों में फेंक दिया, मरने के लिए। जो उनतीस थे, वो तो रो रहे थे, लेकिन वो लोहार शान्त था। आखिर उन उनतीसों ने पूछा कि, "तुम शान्त हो, हमें फेंका जा रहा है, जंगली जानवरों को खाने के लिए उसने कहा, "फ़िकिर मत करो, मैं हूँ, मैं लोहार हूँ। ज़िन्दगी भर मैंने बेडियाँ और हथकड़ियाँ बनाई हैं, में खोलना भी जानता हूँ। तुम घबड़ाओ ...

कविताएं

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कविताएं कोयल रानी कोयल रानी, कोयल रानी,  काली काली बड़ी सयानी।  किस झरने का पीती पानी,  हो गई जिससे मीठी वाणी? लाल टमाटर गोल गोल ये लाल टमाटर होते  जैसे गाल टमाटर फूर्ती लाता  लाल टमाटर स्वास्थ बढाता  लाल टमाटर मस्त बनाता लाल टमाटर  हम खायेंगे लाल टमाटर खून बढाता लाल टमाटर बन जायेंगे लाल टमाटर गोल-गोल सूरज गोल, चंदा गोल, मम्मी जी की रोटी गोल,  पापा जी के पैसे गोल ।  दादा जी का डंडा गोल,  दादी जी का चश्मा गोल ।  हम भी गोल, तुम भी गोल  सारी दुनिया गोल मटोल हाथी राजा बहुत भले हाथी राजा बहुत भले।  सूँड़ हिलाते कहाँ चले?  कान हिलाते कहाँ चले?  मेरे घर भी आओ ना,  हलवा-पूरी खाओ ना।  आओ बैठो कुरसी पर,  कुरसी बोली, चटर-पटर । गुड़िया रानी यह है मेरी गुड़िया रानी,  मुझसे सुनती रोज़ कहानी।  खाती रोटी, पीती पानी,  कभी नहीं करती शैतानी । स्कूल बस जिस पर लिखा है नंबर दस, देखो आ गई हमारी बस ।  सुबह-सवेरे है यह आए,  पौं पौं, पौं पौं शोर मचाए ।  घर से स्कूल ले जाती है,  स...